Linear momentum in hindi, momentum, momentum formula, रेखीय संवेग, रेखीय संवेग संरक्षण, example of momentum

Momentum संवेग 

किसी वस्तु के द्रव्यमान एवं वेग के गुणनफल को संवेग (momentum) कहते हैं

हम सभी जानते हैं कि यदि कोई बहुत विशाल वस्तु हो, तो उसे हिला पाना मुश्किल है। जैसे अगर सड़क के किनारे कोई बस खड़ी हो, तो उसे हिलाने के लिए बहुत ताकत चाहिए, क्योंकि वह भारी है।

बंदूक से निकली एक छोटी सी गोली Bullet भी आघात कर सकती है। उसे रोक पाना भी मुश्किल है। उसका आकार तो बस की तुलना में कुछ नहीं। परंतु उसकी गति बहुत तेज़ है।
इन दोनों बातों से यह समझ आता है कि इन दोनों वस्तुओं के पास कुछ तो है जो दोनों में बराबर है-वो है संवेग Momentum.

संवेग दो चीजों पर निर्भर करता है-
1) भार (Mass ‘m’)
2) वेग (Velocity ‘v’)
इसे ‘P’ से सूचित किया जाता है।
P = mv



Defination of Momentum - संवेग की परिभाषा 


किसी वस्तु का रेखीय संवेग Linear Momentum वस्तु के द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल के बराबर होता है संवेग Momentum एक सदिश राशि है तथा संवेग की दिशा एवं वेग की दिशा एक ही होती है।


Momentum Formula संवेग का सूत्र

-----------------------------------------

P = mv
Linear momentum = mass × velocity


Unit of LinearMomentum  =  ᵏᵍ/ms⁻¹

---------------------------------------------------------

यह भी पढ़े


संवेग परिवर्तन की दर Change Of Rate of Momentum 


न्यूटन के दूसरे नियम से किसी वस्तु अथवा निकाय पर लगने वाला external force संवेग परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है
--------------------------------------------------------
F ∝ dp/dt

F = k(dp/dt)
--------------------------------------------------------

Linear momentum in hindi, momentum, momentum formula, रेखीय संवेग, रेखीय संवेग संरक्षण, example of momentum, संवेग संरक्षण सिद्धान्त (Law of conservation of momentum in hindi) , law of Momentum in hindi, conservation of momentum, momentum, law of conservation of momentum, momentum in hindi
Conservation of momentum



संवेग संरक्षण सिद्धान्त (Law of conservation of momentum in hindi) 


यदि किसी वस्तु अथवा निकाय पर कार्य करने वाला बाह्य बल शून्य हो तो निकाय का संवेग स्थिर रहता है अथवा संरक्षित Conservative रहता है इसे ही Law of Conservative of momentum कहते हैं।
--------------------------------------------------------
F = dp/dt

यदि F = 0, तो dp/dt =
इसलिए dp = 0
⇒ p = Constant
---------------------------------------------------------


अतः यदि किसी वस्तु पर आरोपित External force शून्य हो, तो उसका सवेंग नियत रहता है।




सवेंग सरंक्षण के नियम की व्याख्या Explanation of law of Momentum in hindi 



यदि किसी निकाय में दो कण particle आपस मे टकराते हैं तो तो इस दौरान कुल सवेंग संरक्षित रहता है अर्थात टकराने से पहले ओर टकराने के बाद का कुल सवेंग संरक्षित रहता है।

माना दो कण जिनका द्रव्यमान m₁ एवं m₂ है, टकराने से पहले वेग क्रमशः u₁ एवं u₂ तथा टकराने के बाद वेग v₁ एवं v₂ हो जाता है तब Conservation of momentum
m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂



Example of Conservation of momentum सवेंग संरक्षण के उदाहरण




  • बंदूक तथा गोली तो कणों के निकाय system है बंदूक से गोली चलाने पर पीछे की और झटका लगता है तथा गोली आगे की और जाती है परंतु गोली की अपेक्षा बंदूक पर कम झटका लगता है इसका कारण यह है कि बंदूक का द्रव्यमान गोली bullet के द्रव्यमान से अधिक होता है जिससे बंदूक के पीछे हटने का वेग गोली के वेग से बहुत कम होता है।

  • मान ले की एक फुटबॉल खिलाड़ी पूर्व की ओर 50kmph की गति से दौड़ रहा है और दूसरा खिलाड़ी पश्चिम की ओर 80kmph से दौड़ रहा है और यदि दोनों टकरा जाएँ, तो दोनों मिलके पश्चिम की ओर 30kmph से जाएँगे। इस तरह संवेग संरक्षित रहेगा।

  • यदि दो बराबर द्रव्यमान की वस्तु विपरीत दिशा में बराबर वेग से टकराती है तो दोनों वस्तु का सवेंग Momentum बराबर होने के कारण दोनों वस्तुएं रुक जाएगी जिसके कारण सवेंग नियत रहेगा।

  • राकेट Rocket का ऊपर जाना संवेग संरक्षण के नियम पर आधारित है। रॉकेट के पीछे बने छेद से गैस तेजी से निकलती है जिसके कारण रॉकेट आगे की और जाता है।


सभी Example से पता चल रहा है कि प्रत्येक परिस्थिति में सवेंग संरक्षित रहता है।


इस विषय से सम्बंधित यदि आपका कोई सवाल है तो आप नीचे Comment में लिख हैं. 

यह भी पढ़े




1 Comments

  1. रेखीय गति संरक्षण के बारे में एक पोस्ट लिखें

    ReplyDelete

Post a comment